खामोशी के झील किनारे , शायद बैठे मिल जायें
एहसासों के पाक फरिश्तें , लफ़्जों में कम मिलते हैं
मंगलवार, 30 जून 2009
सोमवार, 29 जून 2009
शुक्रवार, 26 जून 2009
...
सच है तुम्हारे बिना जिंदगी अपंग है
लेकिन ! क्यों लगता है मुझे
प्रेम
अकेले होने का ही
एक और ढंग है ...
श्रीकांत वर्मा
लेकिन ! क्यों लगता है मुझे
प्रेम
अकेले होने का ही
एक और ढंग है ...
श्रीकांत वर्मा
मंगलवार, 17 मार्च 2009
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